फूल ने छेड़ी ग़ज़ल तो एक पत्थर रो पड़ा !
टूटी जब माला तो इक मोती बिखर कर रो पड़ा !!
जब नदी आकर मिली तो हाल कुछ ऐसा हुआ ,
झूम कर लहराया पहले फिर समंदर रो पड़ा !!