कविता कलश
Tuesday, January 19, 2010
कवि की प्रार्थना
ये गीत कभी न अतीत बनें,
सदा इनमे सनातन तत्व रहे
हे शारदे माँ यह वर दे दो ,
मेरी वाणी में अमरत्व रहे
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment