कविता कलश
Saturday, September 15, 2012
तडपते दिल से लिखता हूँ
लहू से भी नहीं लिखता नहीं काजल से लिखता हूँ
ना झरने झील ना तालाब ना बादल से लिखता हूँ
जो मेरी प्रीत पर विश्वास हो तो मान लेना तुम ,
कि तुम पर जो भी लिखता हूँ तडपते दिल से लिखता हूँ
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